भले लाख जुस्तजू लिए

Author: kapil sharma / Labels:

भले लाख जुस्तजू लिए मेरी नज़र रहे
दिल तुम्हारा बेअसर था बेअसर रहे
क्या और इन्तहा हो, इश्क की,

इश्क था, इश्क हैं, और इश्क अगर रहे?
कौन दीवाना अब मंजिल की तलब रखे?
रास्ता चलता रहे, तू हमसफ़र रहे

सुना सुना जैसा भी, 
दश्त तो "नुक्ता" अपना है
लाख रंगीनियाँ लिए मुबारक, 
आपको अपना शहर रहे

9 comments:

Chirag Joshi said...

bahut khoob
http://drivingwithpen.blogspot.com/

NUKTAA said...

shukriya chirag bhai

Aditya said...

//इश्क था, इश्क हैं, और इश्क अगर रहे?
कौन दीवाना अब मंजिल की तलब रखे?
रास्ता चलता रहे, तू हमसफ़र रहे

waah sirji waah.. gajab.. :)

NUKTAA said...

shukriyaa aditya bhai :)

deepazartz said...

Very well written! The lines below are also so nice to read...intense!

Thanks for your visit and sweet comment:) Did you doodle? Do share it when you do so:)

कैसे बनाये Valentine’s Day को यादगार said...

very nice :)

NUKTAA said...

@Deepaji, Thank you so much for dropping by, will certainly show u once doodled :P

@Yaadgaar Valentines Day: Thanks :)

Shaizi said...

Bahut khoob...

NUKTAA said...

Shaizi...Shukriyaa

अंतर्मन