चलो कुछ यादें तुम्हारी भुलाये

Author: kapil sharma / Labels:

चलो कुछ बातें हम भूल जाये
चलो कुछ यादें तुम्हारी भुलाये
जानता हूँ, माँझी यूँही साथ नहीं छोड़ता
क्यों ना हम अपना नया माँझी बनाये
चलो कुछ यादें तुम्हारी भुलाये
रास्ता लम्बा नहीं ज़िन्दगी का अगर
इक कदम तुम उठाओ, इक हम बढ़ाये
चलो कुछ यादें तुम्हारी भुलाये
क़ैद बरसों से इन पिंजरों में तुम भी, हम भी
क्यों ना इसकी दीवारों को ही ख़्वाबों के पर लगाये
चलो कुछ यादें तुम्हारी भुलाये

अंतर्मन