क्या रंज था?

Author: kapil sharma / Labels:

वो जो एक लहजा सुकूँ भरा
वो  जो प्यार से प्यारा तंज़ था
अश्क गिर पड़े तो दर्द हैं,
पलकोंपे थे, क्या रंज था?

2 comments:

अरूण साथी said...

अति सुन्दर

NUKTAA said...

धन्यवाद अरुणजी

अंतर्मन