किताबों की मानिंद

Author: kapil sharma / Labels:

हर्फ़, हर्फ़ पढ़ता रहूँ
सफ़्हा, सफ़्हा जीता रहूँ
किताबों की मानिंद,
कुछ लोग 
ज़िन्दगी में अज़ीज़ होते हैं.
     
 

2 comments:

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

क्या बात है ..बहुत खूब

NUKTAA said...

शुक्रिया गीतजी

अंतर्मन