"प्रेम", तुमने एक क्षण में

Author: kapil sharma / Labels:

मदिरालय औ' देवालय का
अंतर सहज मिटा दिया
"प्रेम", तुमने एक क्षण में
क्या से क्या बना दिया?

 देव मधु प्रसाद चखें 
मदिरालय से पंचमृत बहें
 एक रंग,एक आनंद
ये पाठ कैसा पढ़ा दिया
"प्रेम", तुमने एक क्षण में
क्या से क्या बना दिया?

कृष्ण पक्ष या शुक्ल पक्ष हो
भेद तुमको ज्ञात नहीं
अन्तराल में गतिमान चन्द्र को
प्रियतम का अहोदा दिया
"प्रेम", तुमने एक क्षण में
क्या से क्या बना दिया?

रचा तुमको रचेता ने
या रचनाकार तुमने रचा?
कैसे, कैसे प्रश्नों का
उत्तर कहाँ छिपा दिया

"प्रेम", तुमने एक क्षण में
क्या से क्या बना दिया?
 
 

6 comments:

@ngel ~ said...

Accolades!!!

NUKTAA said...

thank you!!! :)

Eyes said...

Kya baat hai!

NUKTAA said...

Thnx :)

Ek-kshan said...

bahoti badhiya :)

NUKTAA said...

dhanywaad Ek-KSHAN

अंतर्मन