क्या क्या, कहना हैं?

Author: kapil sharma / Labels:

क्या क्या,
कहना हैं,
क्या क्या,
मन में रहे?
इक प्यासा सावन,
इस नयन से,
उस नयन में बहें
इन नैनों ने,
इक दूजे से,
जाने कितने,
भेद छिपाए?
जाने कितने,
झूठ कहें?
लेकिन ये,
प्रेम निगोड़ा,
दोनों के,
मन से ना टले
सर चढ़े,
चैन करे,
पाँव पसर,
दोनों के,
हर क्षण में रहे
क्या क्या,
कहना हैं,
क्या क्या,
मन में रहे?

1 comments:

Mukesh Srivastava said...

AJEE WAAH - KALAM ME JAADOO HAI --

अंतर्मन